Uttar Pradesh

Exam: UPPSC का किया घेराव, पेपर रद्द कराने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों प्रतियोगी छात्र

Exam: UPPSC का किया घेराव, पेपर रद्द कराने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों प्रतियोगी छात्र

Exam: UPPSC का किया घेराव, पेपर रद्द कराने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों प्रतियोगी छात्र

Exam: आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 को रद्द कराने की मांग बढ़ती ही जा रही है। शुक्रवार को प्रयागराज में हजारों की संख्या में प्रतियोगी छात्रों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सामने जुट गए।

छात्र परीक्षा निरस्त और दोबारा परीक्षा की मांग करते हुए सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोग के गेट नंबर 2 के सामने युवाओं ने धरना दे दिया है। वहीं, इससे प्रयागराज-लखनऊ मार्ग से गुजरने वाली गाड़ियों को डायवर्ट किया गया है।

प्रतियोगी छात्रों को स्पोर्ट में कई संगठन भी सड़क पर उतर आए हैं। एनएसयूआई, दिशा छात्र संगठन और समाजवादी छात्रसभा समेत कई अन्य छात्र संगठन छात्रों के साथ सड़कों पर हैं।

शुक्रवार सुबह 11 बजे से ही यूपी लोक सेवा आयोग के सामने युवाओं की भीड़ इकट्ठा होने लगी। हंगामे की आशंका के देखते हुए आयोग ने सभी गेट बंद करवा दिये,

तो वहीं पुलिस ने भी सिविल लाइंस बस अड्डा जाने वाली रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर ट्रैफिक का आवागमन रोक दिया। जिससे जाम लगने लगा।

यूपी लोक सेवा आयोग के सामने पहुंचे छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग को परीक्षा लीक के साक्ष्य मेल दिया गया है।

वहीं शपथपत्र के साथ हार्डकॉपी भी है। आयोग के पास इस मामले की जांच के सभी संसाधन मौजूद हैं लेकिन न जानें क्यों परीक्षा निरस्त किए जाने को लेकर देरी कर रहा है।

पेपर लीक विवाद को मामले को यूपी लोक सेवा आयोग की आंतरिक जांच समिति ने 58 जिलों के नोडल अफसरों से परीक्षा केंद्रों को लेकर रिपोर्ट तलब की है।

वहीं, जानकारी के मुताबिक छात्रों ने जो साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। उसके मुताबिक दोनों पालियों के प्रश्नपत्रों की आंसर की परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी।

जिसमें आधे सवालों के जवाब सही और आधे के गलत भी थे। वहीं, दूसरी पाली में होने वाले हिंदी के प्रश्नपत्र के 60 सवालों में से 28 के उत्तर सही थे।

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह लोकसेवा आयोग के सामने जो प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन चल रहा है वह उनके साथ हैं।

उन्होंने आगे लिखा, दरअसल भाजपा किसी भी परीक्षा का पूरा नहीं करना चाहती है क्योंकि उसके बाद नौकरी देनी होगी और नौकरी में आरक्षण देना होगा। भाजपा न नौकरी देना चाहती है, न आरक्षण।’

पुलिस भर्ती परीक्षा रद्द करने की भी मांग

प्रदेश के विभिन्न जिलों में 17 और 18 फरवरी को हुई पुलिस भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के विरोध में प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के गेट के सामने शुक्रवार को जारी रहा।

प्रतियोगी छात्र अभिनव द्विवेदी ने कहा, “समीक्षा अधिकारी (आरओ) व सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ जारी आंदोलन में हमारी मांग है

कि यह परीक्षा निरस्त की जाए और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत को हटाया जाए।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस परीक्षा के लिए दूसरे जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाने से यह गड़बड़ी हुई।

इस बीच, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल हुए प्रतियोगी छात्रों से सुसंगत प्रमाण एवं साक्ष्यों के साथ 23 फरवरी शाम 6 बजे तक प्रत्यावेदन मांगा है।

बोर्ड ने प्रत्यावेदन एवं प्रमाण का परीक्षण करने के बाद अभ्यर्थियों के हित में आगे की कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।

पूरी खबर देखें

Ajay Sharma

Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

संबंधित खबरें

Adblock Detected

Please disable your ad blocker to smoothly open this content.