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Brain:कांच के जार में बंद दुनिया का सबसे खतरनाक हैवान! वैज्ञानिकों के कब्जे में क्यों है शातिर सीरियल किलर का दिमाग?

Brain:कांच के जार में बंद दुनिया का सबसे खतरनाक हैवान! वैज्ञानिकों के कब्जे में क्यों है शातिर सीरियल किलर का दिमाग?

brain: हमें इसका दिमाग चाहिए, ये दुनिया का सबसे शातिर दिमाग है’… साइन्टिस्ट की नज़र में वो इतना शातिर

था कि शायद ही कोई और दुनिया में उसके बराबर तेज हो। साइंटिस्ट जानना चाहते थे

आखिर उसका दिमाग कैसे काम करता है। वो था तो एक इंसान, लेकिन किसी हैवान से कम नहीं।

ये कहानी है दुनिया के एक बेहद खौफनाक सीरियल किलर की जिसके दिमाग पर वैज्ञानिकों ने अपना कब्जा किया।

जिसके दिमाग को वैज्ञानिकों ने अपने परिक्षण के लिए इस्तेमाल किया।

जिसका सिर पिछले 176 सालों से एक कांच के जार में रखा गया है।

सीरियल किलर डिओगो ऐल्वेस की कहानी

सीरियल किलर डिओगो ऐल्वेस ( Diogo Alves) था तो स्पेन का,

लेकिन उसने पुर्तगाल ( Portugal) में ऐसा कहर मचाया था कि आज भी सालों बाद उसका नाम सुनकर पुर्तगाल के

लोगों की सांसे थमने लगती हैं। डिओगो ऐल्वेस का जन्म 1818 में स्पेन के गैलेसिया में हुआ था।

वो बेहद गरीब परिवार से था। पैसो की कमी की वजह वो छोटी ही उम्र में नौकरी की तलाश करने लगा,

लेकिन उसे नौकरी नहीं मिली। नौकरी की तलाश उसे पुर्तगाल के लिस्बन तक ले गई।

लंबे समय तक वो यहां नौकरी तलाशता रहा, लेकिन वहां जाकर भी उसे नौकरी नहीं मिली।

गरीबी में चुना अपराध का रास्ता

पैसों की कमी और जॉब न होने की वजह से ऐल्वेस अपराध का ऐसा रास्ता चुना जिसने आगे चलकर

उसे हैवान बनाया दिया। ऐल्वेस को पैसों की जरूरत थी और उसने इसके लिए लोगों को लूटना शुरू किया।

वो लोगों को पकड़ता और फिर उनसे पैसे लूट लेता। धीरे-धीरे उसे इस काम में मज़ा आने लगा।

उसने अब इस काम अंजाम देने के लिए और भी खतरनाक रास्ता चुना।

सीरियल किलर के निशाने पर किसान

ऐल्वेस के निशाने पर होते थे सीधे-सादे किसान। अब उसने किसानों का कत्ल करना भी शुरू कर दिया था।

दरअसल किसान अपनी खेती का सामान फल-सब्जी आनाज बेचने बाजार में जाते थे।

वो रात को सामान बेचकर वापस लौटते थे। सामान बेचने की वजह से उनके पास पैसे होते थे

जिसे ऐल्वेस ने लूटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं अब ऐल्वेस पैसा लूटने के बाद किसानों का कत्ल भी करने लगा।

पैसे लूटकर पुल से धक्का देता था

ऐल्वेस ने एक पुल को अपने अपराध का अड्डा बनाया था। ये पुल गांव को शहर से जोड़ता था।

किसानों को रात में इस पुल से होकर गुजरना होता था। सीरियल किलर ऐल्वेस इस पुल में छुपकर बैठ जाता था।

जब किसान इधर से गुजरते तो वो उनसे पहले पैसा लूटता और फिर बड़ी ही बेरहमी से उनको मौत देता।

ये ऐल्वेस का रोज का काम था। नदी से एक के बाद एक किसानों की लाशें मिल रही थीं,

लेकिन कत्ल कौन कर रहा है इस बात का कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था।

पुलिस को थी सीरियल किलर की तलाश

रात के अंधेरे में ऐल्विस दर्जनों का कत्ल कर चुका था। पुलिस को जितनी भी लाशें मिली उन्हें बेरहमी से पीटकर

पुल से नीचे फेंका गया था। ये साफ था कि ये किसी सीरियल किलर का काम है।

पुलिस ने इस किलर की तलाश तेज कर दी थी और ऐल्वेस ये जान चुका था

कि अगर उसने अभी कोई और कत्ल किया तो पुलिस उसे पकड़ लेगी।

इसके बाद ऐल्वेस ने कुछ समय के लिए हत्या करना बंद कर दिया ताकि पुलिस शांत हो जाए।

ऐल्वेस ने बनाया अपना गैंग

इस दौरान ऐल्वेस ने अपना गैंग बनाना शुरू किया। उसने लिस्बन के गरीब लोगों को अपने साथ जोड़ा।

थोड़ा समय रुकने के बाद अब और भी प्लान्ड तरीके से लोगों को मौत देने शुरू की।

वो अपने साथियों के साथ जंगल में छुपा रहता। जंगल में ही उसने अपना ठिकाना बना लिया।

रात होते ही वो अपने शिकार पर हमला करता। वो लोगों के पैसे लूटता और फिर उन्हें तड़पा-तड़पाकर मौत देता।

कहते हैं उस दौरान रात होते ही लोग इस सीरियल किलर के डर से अपने घरों में छुप जाते।

लिस्बन में इस सीरियल किलर इतना खौफ था कि कोई जरूरी काम हो तो भी लोग बाहर निकलने से डरते।

77 किसानों का किया कत्ल

कई सालों तक ये पुर्तगाल में अपना कहर ढाता रहा। पुलिस ने आखिरकार

1941 में जंगल से इस हैवान को गिरफ्तार किया। ऐल्वेस ने खुद कबूल किया कि वो अब

77 लोगों को नोंच-नोंचकर मार चुका है। उसने बताया कि उसे लोगों को तड़पाने में मज़ा आता था।

सालों तक वो ये काम करता रहा, लेकिन पुलिस उसका कुछ न बिगाड़ पाई।

कोर्ट ने ऐल्वेस को 77 लोगों के कत्ल के जुर्म में फांसी की सजा सुनाई।

जार में है सीरियल किलर का सिर

फांसी के बाद वैज्ञानिकों की मांग पर इस सीरियल किलर के सिर को संभालकर रखा गया।

इस बात को 176 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी इस सीरियल किलर का सिर ज्यो का त्यो हैं।

इसे लिक्विड सॉल्यूशन में डालकर लिस्बन यूनिवर्सिटी में रिसर्च के लिए रखा गया है।

दरअसल उस दौरान पुर्तगाल में फ्रेनोलॉजी यानी ब्रेन स्टडी की पढ़ाई का काफी क्रेज था।

वैज्ञानिकों का मानना था कि इस खुंखार सीरियल किलर की के ब्रेन की स्टडी से कई

नई चीज़ें सामने आएंगी जो कि फ्रेनोलॉजी के छात्रों के लिए मददगार साबित होंगी।

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