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Tiger:जिले में बीते ढाई महीने में 5 लोगों को मौत के घाट उतारने वाले आदमखोर बाघ को गोली मारने का आदेश

Tiger:जिले में बीते ढाई महीने में 5 लोगों को मौत के घाट उतारने वाले आदमखोर बाघ को गोली मारने का आदेश

Tiger :बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में बीते ढाई महीने में 5 लोगों को मौत के घाट उतारने वाले

आदमखोर बाघ को गोली मारने का आदेश दिया गया है। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) ने

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के इस बाघ को शूट करने की अनुमति दे दी है।

वाइल्ड लाइफ वार्डन की ओर से पत्र लिखककर बाघ को गोली मारने का आदेश मांगा गया था।

बता दें कि आदमखोर बाघ ने शुक्रवार सुबह ही रामनगर में शौच पर गए एक शख्स को शिकार बना लिया।

एक दिन पहले ही उसने घर में सो रही 12 साल की बच्ची को भी मार डाला था।

चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन पीके गुप्ता ने एनटीसीए को पत्र लिखकर बाघ को मारने का आदेश मांगा।

इसके बाद एनटीसीए की ओर से शूट ऑर्डर जारी कर दिया गया। अब बाघ मिलते ही उसे गोली मार दी जाएगी।

वार्डन ने बताया कि बाघ को मारने का आदेश जारी करने का अधिकार सिर्फ एनटीसीए को ही है।

इससे पहले रामनगर एसडीपीओ सत्यनारायण राम ने माइक से क्षेत्र में घोषणा कर बाघ को मारने की

अनुमति मांगने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि डीएम कुंदन कुमार ने

एनटीसीए व वन विभाग को पत्र लिखकर बाघ को मारने के लिए पत्र लिखा है।

आक्रोशित लोगों का रामनगर में हंगामा

बता दें कि रामनगर में बाघ के हमले से लोगों में काफी गुस्सा है।

शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने वन विभाग के कार्यालय पर प्रदर्शन कर भारी हंगामा किया।

कुछ गाड़ियों में तोड़फोड़ की खबर भी आई है। फिलहाल उन्हें शांत कराया गया है।

बता दें कि 26 दिनों तक बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए रेस्क्यू अभियान चला

लेकिन करीब 400 से ज्यादा वन अधिकारी, कर्मचारी, शूटर, एक्सपर्ट भी उसे नहीं पकड़ पाए।

ढाई महीने में पांच लोगों की बाघ (tiger) ने ली जान

ग्रामीणों का आरोप है कि 12 जुलाई से अब तक बाघ पांच लोगों को मार चुका है।

दो लोग उसके हमले से बच चुके हैं। बुधवार की रात 12 बजे के आसपास रामनगर के ही

सिंगाही गांव में घर के अंदर सो रही किशोरी बगड़ी कुमारी को बाघ उठा ले गया।

पिता समेत परिजन किशोरी को बचा नहीं पाए। अब इस घटना के अगले ही दिन

शुक्रवार को एक और व्यक्ति को बाघ के मारने से लोगों का आक्रोश भड़क उठा।

इससे पूर्व 12 सितंबर को हरनाटांड़ वन क्षेत्र के बैरिया काला में गुलबंदी देवी, 21 सितंबर को बरवा काला में रामप्रसाद

उड़ांव, 24 सितंबर को देवरिया तरुअनवा में तेगड़ महतो व पांच अक्टूबर को बगड़ी कुमारी को टाइगर ने मार डाला।

 

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