Crime

Father and son were bitten by a serpent: फसल की रखवाली कर रहे बाप-बेटे को नाग-नागिन ने डसा, दोनों की जान चली गई

Father and son were bitten by a serpent: फसल की रखवाली कर रहे बाप-बेटे को नाग-नागिन ने डसा, दोनों की जान चली गई

Father and son were bitten by a serpent: फसल की रखवाली कर रहे बाप-बेटे को नाग-नागिन ने डसा, दोनों की जान चली गई

Father and son were bitten by a serpent: सवाई माधोपुर जिले के डांगरवाड़ा गांव में गुरुवार रात 10 बजे खेत

में फसलों की रखवाली करने गए पिता-पुत्र कोनाग-नागिन ने डस लिया, जिससे 8 साल के बच्चे की मौके पर ही मौत हो

गई, वहीं, 28 वर्षीय पिता ने भी इलाज के लिए जाते समय रास्ते मे दम तोड़ दिया.

जानकारी के मुताबिक फौजी जाटव डांगरवाड़ा के समीप अपने खेतों पर गुरुवार रात को पत्नी निरमा और बेटे योगेश

के साथ फसलों की रखवाली करने गया था. इस दौरान खेत मे बने मांडे (मचान) पर फौजी जाटव और उसका 8 साल का

बेटा योगेश जाटव सो रहे थे वहीं, पास ही बने दूसरे मांडे पर मृतक की पत्नी निरमा सो रहीं थी

तभी एक नाग-नागिन का जोड़ा मचान पर चढ़ गया और पिता के पास सो रहे योगेश के कान पर डस लिया.

सांप के काटते ही बच्चा जोर से चिल्लाया जिसकी आवाज सुनकर मृतक की पत्नी निरमा बच्चे के पास पहुचीं और

सांप को को बच्चें के समीप देखकर उसने हाथ से सांप को उठाकर फेंका जो मृतक फौजी जाटव के पैरों में जाकर गिरा.

पैरों में गिरने के दौरान सांप ने फौजी बैरवा को भी काट लिया जिसका उसे पता नही चला.

पति-पत्नी आनन-फानन में बच्चे को लेकर देव स्थान पर झाड़फूंक के लिए लेकर भागे तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी.

वहीं, फौजी के घर आने के बाद पैर में दर्द होने पर देखा तो पैर में सांप के काटने के निशान नजर आए.

जिसके बाद परिजन उसे भी देव स्थान पर लेकर गए. जहां 10-12 घण्टे तक झाड़फूंक चलती रहीं.

तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन फौजी जाटव को सवाई माधोपुर जिला अस्पताल ईलाज के लिए

लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते मे ही युवक ने दम तोड़ दिया. शनिवार सुबह

पुलिस की मौजूदगी में मृतक फौजी जाटव के शव का पोस्टमार्टम

जिला अस्पताल में करवाया गया उसके बाद पुलिस ने तहरीर लेकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया.

मचान पर चढ़कर पहले बच्चे को काटा

फौजी और उसके बेटे की मौत से पूरा डांगरवाड़ा गांव गमगीन माहौल में डूब गया.

फौजी की पत्नी निरमा का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक की पत्नी के मुताबिक मचान पर सो रहे

उसके पति और बेटे के पास नाग-नागिन का जोड़ा मौजूद था.

जैसे ही सांप ने बच्चे को काटा उसकी चीख निकल पड़ी बच्चें की चीख सुनकर उसकी मां मचान से उठकर उसके पास

पहुचीं तो सांप बच्चे के कान के पास था उसने सांप को पकड़कर

मचान के नीचे फेकने का प्रयास किया पर सांप बच्चे के पास सो रहे उसके पति के पैरों में जा गिरा.

दूसरा सांप मचान से उतरता

गिरते ही उसने मृतक फौजी जाटव को पैर में काट लिया उसके बाद फौजी जाटव को दूसरा सांप मचान से उतरता

हुआ नजर आया मृतक ने पहले नीचे उतरकर भाग रहे सांप को डंडे से मारा.

दूसरी मचान पर बिस्तरों में बैठे सांप को मारा. उसके बाद बच्चे को इलाज के लिए लेकर देव स्थान पर पहुंचे,

लेकिन बच्चे ने रास्ते मे ही दम तोड़ दिया. लोगों की मानें तो ये

सांपो का जोड़ा नाग-नागिन का था. नागिन द्वारा ही पिता-पुत्र को काटने का अंदेशा जताया.

अंधविश्वास बना पिता की मौत का कारण

वर्तमान में भी लोगों पर अंधविश्वास इस कदर हावी है कि लोग जहरीले कीड़ो के काटने के बाद

पीड़ित को डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय पहले झाड़फूंक वाले

तांत्रिकों के पास लेकर जाते हैं, ऐसा ही वाकया फौजी बैरवा के साथ घटित हुआ.

घंटों चली झाड़फूंक

8 वर्षीय बेटे की मौत के बाद जब सांप के जहर के असर से उसकी तबीयत बिगड़ी तो

परिजन डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय पहले देव स्थान पर झाड़फूंक करने वाले के पास ले गए

वहां 10-12 घंटे तक पीड़ित का झाड़फूंक द्वारा उपचार चलता रहा.

जब पीड़ित की हालत बिगड़ने लगीं तो परिजन इलाज के लिए डॉक्टर के पास लेकर भागे ऐसे में

जिला अस्पताल में पहुंचने से पहले ही फौजी बैरवा की मौत हो गई.

डॉक्टरों से ज्यादा झाड़फूंक करने वालो को अहमियत देना युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ.

पूरी खबर देखें

Ajay Sharma

Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Adblock Detected

Please disable your ad blocker to smoothly open this content.