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Samajwad Party इसी महीने चुनेगी अपना अध्यक्ष,इस दिन लखनऊ में होगा राष्ट्रीय सम्मेलन

Samajwad Party इसी महीने चुनेगी अपना अध्यक्ष,इस दिन लखनऊ में होगा राष्ट्रीय सम्मेलन

Samajwadi Party का राज्य सम्मेलन इसी महीने 28 सितंबर को और राष्ट्रीय सम्मेलन 29 सितंबर को

राजधानी लखनऊ में होगा. देश-प्रदेश की राजनीतिक-आर्थिक स्थिति पर प्रस्ताव पारित करने के अलावा सम्मेलन

में समाजवादी पार्टी की अपनी भूमिका की दिशा भी सुनिश्चित होगी.

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए

कहा,”जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राजनीतिक एवं आर्थिक संकट पैदा किया है.

लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया है, उससे निबटने के लिए

इन सम्मेलनों में पार्टी की कारगर भूमिका के बारे में चर्चा होगी. इन सम्मेलनों में 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव

में पार्टी की रणनीति पर भी गहन चर्चा होगी. इनमें सपा के राष्ट्रीय एवं प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव भी होगा”

किन मुद्दों पर होगा सम्मेलन?

सपा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मेलन में लोकतांत्रिक संस्थाओं को भाजपा द्वारा कमजोर किए जाने,

अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट, राजनीतिक दल बदल को बढ़ावा देने तथा

सामाजिक सद्भाव को खतरे में डालने पर भी विशेष चर्चा होगी.

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र की बदहाली, बढ़ते भ्रष्टाचार और किसानों-

नौजवानों के साथ धोखा आदि मामलों पर राजनीतिक-आर्थिक प्रस्तावों के जरिए प्रकाश डाला जाएगा.

सम्मेलन के चुने जाएंगे प्रतिनिधि

इन दिनों समाजवादी पार्टी का सदस्यता अभियान चल रहा है. जुलाई से शुरू हुए

इस सदस्यता अभियान में बहुत बड़ी तादाद में लोग सदस्य बन रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक, पार्टी के सक्रिय सदस्यों से ही सम्मेलन के प्रतिनिधि चुने जाएंगे.

राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के संगठनात्मक चुनावों को संपन्न कराने के लिए

चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव को सौंपी गई है.

क्या फिर सपा के अध्यक्ष चुने जाएंगे अखिलेश यादव?

माना जा रहा है कि अखिलेश यादव तीसरी बार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष चुने जा सकते हैं.

पहली बार वे साल 2017 में सपा अध्यक्ष बने थे. इसके बाद 5 अक्टूबर 2017 में आगरा में हुए

राष्ट्रीय अधिवेशन में वो फिर अध्यक्ष बने. बता दें कि पार्टी में अब अध्यक्ष का कार्यकाल पांच साल का होता है. पहले यह तीन साल का होता था.

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