तेंदुओं की दहशत से ग्रामीण बेहाल, वन विभाग को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट:-कमलेश यादव
बरवा पूर्दिल के ग्राम प्रधान प्रशासक विनोद कुशवाहा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा। इसमें राजेश कुशवाहा, हीरा, सुनील, राम, रामश्री, मुन्ना, कामलेंदू और बालगोविंद समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
विनोद कुशवाहा ने आरोप लगाया कि वन विभाग की टीमें कई दिनों से कांबिंग कर रही हैं, लेकिन पिंजरा लगाने में देरी हो रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि बाड़ीनाला की घनी झाड़ियों में तीन से अधिक तेंदुए भी हो सकते हैं।
सरकारी फार्म के समीप पहली बार दिखाई दिया तेंदुआ
ग्रामीणों के अनुसार शनिवार को ढोरही के सरेह में सरकारी फार्म के समीप पहली बार तेंदुआ दिखाई दिया। मंगलवार रात जड़हा टोला के पास सच्चिदानंद के बगीचे में दो तेंदुए नजर आए। इनमें एक आम के पेड़ पर बैठा था, जबकि दूसरा नीचे घूम रहा था। बुधवार रात गोमतीनगर में दुकान के सामने तेंदुआ दिखाई दिया।
गुरुवार रात शावक नजर आने से ग्रामीणों में और भय व्याप्त हो गया।तेंदुओं की मौजूदगी से सरेह में तैयार धान की फसल की कटाई भी प्रभावित होने लगी है। किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बच्चों के स्कूल जाने, पशुओं के लिए चारा लाने और बाजार आने-जाने में भी भय बना रहता है।
किसानों को चिंता है कि समय पर कटाई नहीं होने से तैयार फसल को नुकसान हो सकता है।शुक्रवार को उप प्रभागीय वनाधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह और पडरौना क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक कुमार यादव के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने नहर की पटरियों, बगीचों और बाड़ीनाला से सटी घनी झाड़ियों में खोजबीन की। वन दरोगा संजय सिंह, राकेश कुमार, वनरक्षक संदीप पटेल के साथ शिवम नारायण पाठक, संतोष शंकर, मुंद्रिका समेत कर्मचारियों ने कई स्थानों पर कांबिंग की, लेकिन तेंदुओं का कोई सुराग नहीं मिला।
वन विभाग ने ग्रामीणों से सरेह में अकेले नहीं जाने और सतर्क रहने की अपील की है। पडरौना रेंजर अशोक यादव ने बताया कि वन विभाग की टीमें लगातार अगल बगल गांवों मे मुनादी कराने के साथ चिन्हित जगहों पर कांबिंग कर रही हैं।
पिंजरा लगाने की तैयारी की जा रही है। घनी झाड़ियों और गन्ने की फसल के कारण तेंदुओं की तलाश में परेशानी हो रही है।वहीं ग्रामीणो का कहना है कि जल्द तेंदुओं को नही पकडा गया तो धरना प्रर्दशन करने को बाध्य हो जाएगा।

