सुविधाएं नहीं मिलीं तो मेहनत को बनाया हथियार, विशाल ने जीता कुश्ती में स्वर्ण पदक
Gold Medal: कुशीनगर जिले के हनुमानगंज थाना क्षेत्र के बोधी छपरा गांव निवासी युवा पहलवान विशाल यादव ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर कुश्ती के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मध्य प्रदेश के गोविंद नगर पिपरिया में आयोजित नेशनल स्कूली गेम्स में विशाल ने अंडर-17 के 55 किलोग्राम भार वर्ग की फ्रीस्टाइल कुश्ती में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया।
विशाल की इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया और युवा पहलवान को बधाई दी।
गांव के अखाड़े से शुरू हुआ कुश्ती का सफर
विशाल यादव ने कुश्ती की शुरुआती बारीकियां अपने गांव में ही सीखीं। बचपन से ही उन्हें कुश्ती का शौक था। वह घर पर अभ्यास करने के साथ गांव के अखाड़े में अपने चाचा बबलू यादव की देखरेख में तैयारी करते थे।
सुविधाओं और संसाधनों की कमी के बावजूद विशाल ने कुश्ती के प्रति अपना जुनून कम नहीं होने दिया। नियमित अभ्यास और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने धीरे-धीरे अपनी तकनीक और प्रदर्शन में सुधार किया।
पढ़ाई के साथ जारी रखा कुश्ती का अभ्यास
विशाल ने अपनी प्राथमिक शिक्षा गांव में ही पूरी की। इसके बाद पढ़ाई के लिए वह गोरखपुर चले गए, जहां पिछले करीब तीन वर्षों से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कक्षा आठ में गोरखपुर में नामांकन के बाद उन्होंने पढ़ाई के साथ कुश्ती की तैयारी भी जारी रखी।
कक्षा नौ में पहुंचने के बाद विशाल ने फैजाबाद में कुश्ती का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। वर्तमान में वह हाईस्कूल की परीक्षा की तैयारी भी कर रहे हैं। पढ़ाई और खेल दोनों की जिम्मेदारी के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और अभ्यास में कोई कमी नहीं आने दी।
हरियाणा के पहलवान को हराकर फाइनल में पहुंचे
मध्य प्रदेश के गोविंद नगर पिपरिया में आयोजित प्रतियोगिता में विशाल ने 55 किलोग्राम भार वर्ग की फ्रीस्टाइल कुश्ती में शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआती मुकाबले में उनका सामना हरियाणा के पहलवान बादल से हुआ, जिसे विशाल ने हराकर अगले दौर में जगह बनाई।
इसके बाद फाइनल मुकाबले में उनका सामना राजस्थान के पहलवान अमित से हुआ। निर्णायक मुकाबले में विशाल ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए अमित को 10-2 के अंतर से पराजित किया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।
SGFI के लिए हुआ चयन
प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद विशाल यादव का चयन SGFI (School Games Federation of India) के लिए भी हुआ है। उनकी इस उपलब्धि को पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।
गांव पहुंची सफलता की खबर तो मनाया जश्न
विशाल के गोल्ड मेडल जीतने की खबर जैसे ही बोधी छपरा गांव पहुंची, ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई और विशाल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
परिजनों का कहना है कि विशाल बचपन से ही कुश्ती को लेकर गंभीर रहा है। गांव के अखाड़े से शुरू हुआ उसका सफर अब प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंच चुका है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि विशाल आने वाले समय में और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर कुश्ती के क्षेत्र में देश और प्रदेश का नाम रोशन करेगा।
विशाल की सफलता यह संदेश भी देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मजबूत इच्छाशक्ति, निरंतर अभ्यास और कड़ी मेहनत के दम पर बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है।

