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Politics: सपा-भाजपा में हुई डील? मुसलमान हो जाएं सतर्क, मैनपुरी-रामपुर के नतीजों पर बोली मायावती

Politics: सपा-भाजपा में हुई डील? मुसलमान हो जाएं सतर्क, मैनपुरी-रामपुर के नतीजों पर बोली मायावती

Politics: बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने पूछ है कि क्या मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में

समाजवादी पार्टी की जीत और रामपुर विधानसभा उपचुनाव में हार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ

आंतरिक मिलीभगत का परिणाम है। मायावती ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को इसके बारे में बहुत कुछ सोचने की

जरूरत है, ताकि आने वाले चुनावों में आपको धोखे से बचाया जा सके।

मैनपुरी में हाल ही में हुए उपचुनाव में सपा की डिंपल यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के

रघुराज सिंह शाक्य को 2.88 लाख मतों के अंतर से हराया। समाजवादी पार्टी के

संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के कारण यह सीट खाली हुई थी।

वहीं, बीजेपी ने पहली बार समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के गढ़ रामपुर सदर विधानसभा सीट पर सेंध लगाई है।

बीजेपी के आकाश सक्सेना ने आजम के उम्मीदवार असीम रजा

को करीबी मुकाबले में 34,000 वोटों के अंतर से हराया।

मायावती ने ट्वीट कर कहा, ”यूपी के मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में सपा की हुई जीत किन्तु रामपुर विधानसभा

उपचुनाव में आज़म ख़ान की ख़ास सीट पर योजनाबद्ध कम वोटिंग करवा कर सपा की पहली बार हुई हार पर

यह चर्चा काफी गर्म है कि कहीं यह सब सपा व भाजपा की अन्दरुनी मिलीभगत का ही परिणाम तो नहीं?

इस बारे में ख़ासकर मुस्लिम समाज को काफी चिन्तन करने व समझने की भी ज़रूरत है ताकि

आगे होने वाले चुनावों में धोखा खाने से बचा जा सके। खतौली विधानसभा की सीट पर भाजपा की

हुई हार को भी लेकर वहां काफी संदेह बना हुआ है, यह भी सोचने की बात है।”

सपा के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकदल ने खतौली उपचुनाव जीता और

उसके उम्मीदवार मदन भैया ने भाजपा की राजकुमारी सैनी को 22,000 मतों से हराया।

मायावती की पार्टी के पास 2022 के चुनावों में मिली बड़ी हार के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में

सिर्फ एक सीट है। बसपा ने यूपी विधानसभा चुनाव में 88 मुस्लिम

उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, लेकिन एक भी उम्मीदवार जीत नहीं पाया।

 

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