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health Department के अधिकारियों को देना पड़ता है हिसाब…रिश्वत लेते बाबू का वीडियो वायरल, डिप्टी सीएम ने किया सस्पेंड

health Department के अधिकारियों को देना पड़ता है हिसाब…रिश्वत लेते बाबू का वीडियो वायरल, डिप्टी सीएम ने किया सस्पेंड

health Department:उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में भ्रष्टाचार व अनियमितता के खिलाफ जिम्मेदार

अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई लगातार जारी है.

इसी कड़ी में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने देवरिया में सीएमओ कार्यालय में तैनात लिपिक को सस्पेंड कर दिया है.

साथ ही जांच का आदेश भी दिया है.स्वास्थ विभाग के कर्मचारी का

रिश्वत लेते वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसपर स्वास्थ्य मंत्री ने कार्रवाई किया है.

‘हमको देना पड़ता है हिसाब’

दरअसल, देवरिया जिले के सीएमओ ऑफिस में तैनात क्लर्क का वीडियो पिछले कुछ दिनों से

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें क्लर्क रिश्वत लेते हुए और रिश्वत मांगते हुए दिख रहा है.

पेंशन का क्लेम बनाने के लिए पैसे की मांग कर रहा है. वायरल वीडियो में क्लर्क को पेंशन क्लेम के बदले

एक हजार रुपये दिया जा रहा है, जिसे वह टेबल फर फेंक देता है.

कहता है कि ये भी रख लो हमारे तरफ से…ये हम थोड़े ही रख लेंगे.

जो सिस्टम है हमको अधिकारी को देना है.हम थोड़े ही रख लेंगे. हमारी औकात नहीं है

कि हम अपने पॉकेट में रख ले. यहां पर पूरा क्लेम निकालवाने के लिए दस हजार रुपये लगते हैं.

हम कैसे ले लें सारा पैसा खर्च हो जाएगा. हमको हिसाब देना पड़ेगा. जिस दिन काम हो जाएगा.

उस दिन पूरा पैसा अधिकारी को देंगे…और मेरा जो हिसाब होगा वो अधिकारी हमें देंगे..

‘सीएमओ कार्यालय से भ्रष्टाचार का सफाया किया जा रहा’

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संज्ञान में लेते हुए बाबू को सस्पेंड कर दिया है.

साथ ही विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने कहा है कि लिपिक की भ्रष्टाचार की

गतिविधियों का वीडियो गंभीर है.सीएमओ कार्यालय से भ्रष्टाचार का सफाया किया जा रहा है.

कुछ लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. ऐसे लोगों को पहचान कर अभियान चलाया जाएगा

और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी. सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है.

इस मामले में निदेशक प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि संबंधित बाबू को निलंबित करने का आदेश जारी करे

और उक्त प्रकरण की गहनता से जांच किया जाए. इस मामले में अन्य अधिकारियों कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे

उन पर भी सख्त कार्रवाई होगी. फिलहाल डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की सख्त कार्रवाई के चलते

स्वास्थ्य विभाग(health Department) में हड़कंप मचा हुआ है. मामले में जांच शुरू हो गई है

और कुछ दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा यह वीडियो कितने दिन पुराना है और इस मामले में कितने लोग संलिप्त हैं.

क्या कहना है जिलाधिकारी का?

इस मामले में जिला अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग का

यह वीडियो दो-तीन दिनों से वायरल हो रहा है. जिसमें सीएमो कार्यालय के प्रशासनिक

अधिकारी गिरजेश मणि त्रिपाठी नजर आ रहा है, जो बहुत ही निर्लज्जता से पैसा की मांग कर रहा है.

इस मामले को संज्ञान में लेते हुए हमने स्वास्थ्य विभाग के निदेशक से बात की थी

और विगत रात में इनको निलंबित कर दिया गया है. उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के संज्ञान लेने के

मामले पर कहा कि शासन की जीरो टॉलरेंस की नीति है जिसके तहत कार्रवाई की जा रही है.

रिटायर हुए सीएमओ पर लग चुका है भ्रष्टाचार का आरोप

देवरिया का सीएमओ कार्यालय पूर्व में भी विवादों में रहा है. यहां से कुछ महीने पूर्व रिटायर हुए

सीएमओ आलोक पांडे पर भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध हुए थे, जिस पर जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भी लिखा था

पर उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. वह यहां से रिटायर भी हो चुके हैं.

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